Description
मेजर बलवंत सीरीज काला शाल रात के अंधेरे में… एक पुरानी हवेली के भीतर गूंजती है एक रहस्यमयी चीख ! बाईस साल पहले जिस जन्मदिन की रात एक अभिनेत्री की मौत हुई थी, उसी जन्मदिन की रात फिर बहा खून… चेहरे पर काला नकाब, सीने में धंसी छुरी, और हर दीवार पर छिपा हुआ एक खौफनाक राज ! क्या सचमुच ढाई हजार वर्ष पुरानी “आम्रपाली” लौट आई है? या फिर यह किसी शातिर दिमाग की खूनी साजिश है? मेजर बलवंत उतरता है ऐसे रहस्य के भीतर, जहाँ हर मुस्कान के पीछे छिपा है विश्वासघात… और हर चेहरा पहन चुका है एक “काला शाल” ! रहस्य… रोमांच… हत्या और मनोवैज्ञानिक सस्पेंस से भरपूर कर्नल रंजीत का सनसनीखेज उपन्यास



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