Skip to content

₹340.00

Description

रात का सन्नाटा घड़ी की सुइयाँ जैसे मौत की उलटी गिनती गिन रही हों एक फोन कॉल “रूम 515 में एक लाश आपका इंतजार कर रही है” और फिर एक के बाद एक सिरकटी लाशें !

ना कोई सुराग ना कोई गवाह हर हत्या इतनी सफाई से, जैसे कोई माहिर जल्लाद खेल खेल रहा हो। इंस्पेक्टर शेखर प्रधान उलझता चला जाता है उस रहस्य में, जहाँ हर सच के पीछे छुपा है एक और खौफनाक सच। क्या ये सिर्फ हत्याएं हैं या किसी शातिर दिमाग का खूनी खेल? कौन है वो रहस्यमयी साया जो हर बार वार करता है- और गायब हो जाता है?

सिरकटी लाशें 

एक ऐसा रोमांच, जहाँ हर पन्ना आपको मौत के और करीब ले जाएगा।