Description
प्राचीन विषकन्याओं की कथाएँ क्या सच में इतिहास बन चुकी हैं, या वे आज भी नए रूप में ज़िंदा हैं? एक और विषकन्या में जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा जासूसी जगत को ऐसी रहस्यमयी दुनिया में ले जाते हैं, जहाँ सौंदर्य, सम्मोहन और साज़िश घातक हथियार बन जाते हैं। विदेशी जासूस, हनी-ट्रैप, सत्ता की भूख और राष्ट्रविरोधी षड्यंत्र हर पन्ने पर खतरा और हर मोड़ पर चौंकाने वाला रहस्य है। यह उपन्यास बताता है कि समय बदलता है, पर “विषकन्या” की परंपरा नहीं वह बस अपना रूप बदल लेती है।



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