Description
अमेरिका की ऐशो-आराम भरी दुनिया में पली मिस ग्रे कूपर अचानक आत्मिक शांति की तलाश में भारत आ पहुँचती है। भोग-विलास से वैराग्य तक का उसका सफर उसे श्यामगढ़ के तथाकथित चमत्कारी अवतार और रहस्यमय व्यक्तियों के बीच ला खड़ा करता है। यहीं उसकी मुलाकात होती है चालाक और खतरनाक जगत से, जिसकी नज़र उसकी आस्था और धन दोनों पर है। अंधभक्ति, ठगी, धर्म के नाम पर अपराध और अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्रों से भरा यह उपन्यास आस्था और धोखे की परतें खोलता है।



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