Description
एक हत्या…
जिसका कोई चश्मदीद गवाह नहीं…
सिवाय एक के—जो मर चुका है!
“प्रेतात्मा की गवाही” एक ऐसा रोमांचक जासूसी उपन्यास है, जिसमें अपराध की गुत्थी को सुलझाने के लिए उठती है एक मृत आत्मा। ओम प्रकाश शर्मा ने इस कहानी में अपराध, रहस्य और अलौकिकता को बहुत ही रोमांचकारी ढंग से पेश किया है।
“प्रेतात्मा की गवाही“ सिर्फ एक जासूसी उपन्यास नहीं, बल्कि एक ऐसी दास्तान है जहाँ मौत के बाद भी इंसाफ की आवाज़ गूंजती है।



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