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₹150.00

Description

‘पहली पराजय’ ओमप्रकाश शर्मा का वह विशेष उपन्यास है जिसमें उनका बहुप्रतिभाशाली और सदैव विजयी रहने वाला पात्र — जासूस जयंत — पहली बार हार के बेहद करीब पहुँचता है। लेकिन यह हार केवल अपराध की दुनिया से नहीं, बल्कि भावनाओं, आत्मबल, और विश्वास की लड़ाई से जुड़ी होती है।

“पहली पराजय” यह बताता है कि
👉 सच्चे नायक वही हैं जो हार को स्वीकार कर, उससे आगे बढ़ते हैं।