Description
“नयनतारा” — एक ऐसी स्त्री की कहानी जो खूबसूरती, आत्मबल और आत्मगौरव की मिसाल है।
यह उपन्यास सिर्फ एक प्रेम कथा नहीं है,
बल्कि समाज के ढोंग, पुरुषवादी सोच और झूठे रिश्तों के बीच
एक स्त्री के आत्मसम्मान की लड़ाई का दस्तावेज़ है।
“नयनतारा”
केवल एक नाम नहीं,
बल्कि हर उस स्त्री की प्रतीक है
जो खुद से समझौता नहीं करती,
जो अपने प्यार से पहले स्वाभिमान को चुनती है।



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