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Description

‘डाक बँगले में प्रेत’ ओमप्रकाश शर्मा का रोमांच और रहस्य से भरपूर उपन्यास है, जिसमें एक पुराना डाक बंगला बना है डर, भ्रम और साज़िश का अड्डा। कहानी एक ऐसे स्थान से शुरू होती है जो वीरान है, लेकिन वहाँ की दीवारें, हवाएं और रातें — किसी छुपे सच की गवाही देती हैं।

‘डाक बँगले में प्रेत’ पाठकों को यह सोचने पर मजबूर कर देता है:
👉 क्या हर प्रेत वाकई आत्मा होता है, या कभी-कभी डर इंसानों द्वारा रचा गया नकाब होता है?