Description
“भीगी रात” —
यह कहानी है उस भीगी हुई रात की,
जब ज़िंदगी ने अपने कई रहस्य खोल दिए।
ओमप्रकाश शर्मा की लेखनी में एक ऐसी दास्ताँ,
जहां नमी सिर्फ बारिश की नहीं,
बल्कि आँखों और दिल की भी होती है।
“भीगी रात”
एक ऐसी कहानी है जो पढ़ने वाले के दिल को भीगाती है,
और सोचने पर मजबूर कर देती है —
कि सच के सामने कोई भी रात सूखी नहीं रहती।




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