Description
कद में छोटा… मगर दिमाग में शातिर!
लोग उसे मज़ाक समझते थे… लेकिन उसने पूरे शहर की पुलिस को चकरा दिया।
उसका नाम था — “बौना उस्ताद”।
“बौने उस्ताद” एक तेज़-रफ्तार, मज़ेदार और रहस्यपूर्ण उपन्यास है, जिसमें चन्दर ने एक अनोखे अपराधी किरदार को गढ़ा है—जो दिखने में मासूम, बातों में भोला, लेकिन असल में चालाकी का बादशाह है।
“बौने उस्ताद” एक रोमांचक और हल्के-फुल्के हास्य से भरा उपन्यास है, जो पाठकों को नायक और खलनायक दोनों से प्रेम करा देता है।



Reviews
There are no reviews yet.