Description
एक रईस जिसकी हर सांस पर मंडरा रही है मौत
एक ही दिन में चार हादसे-करंट, टूटी सीढ़ियाँ, गोली और जानलेवा टक्कर !
क्या ये सिर्फ दुर्घटनाएं हैं या किसी अदृश्य दुश्मन की सोची-समझी साजिश ?
जब खेल में उतरता है मेजर बलवंत, तो सामने आता है-एक ऐसा रहस्य, जहाँ हर चाल ताश के पत्तों की तरह पलटती है
चिड़ी का गुलाम जहाँ हर खिलाड़ी है मोहरा और असली बाजीगर अभी छुपा है!



Reviews
There are no reviews yet.