Description
यह उपन्यास “आधी रात के बाद” एक रहस्य-रोमांचक कहानी है जिसमें प्रसिद्ध जासूस गोपाली को आरसीगढ़ बुलाया जाता है। वहाँ आधी रात के बाद एक घुड़सवार प्रेत दिखाई देता है जिससे दहशत फैल गई है और निर्माण कार्य ठप हो गया है। सरकार गोपाली को जांच के लिए भेजती है। उसके साथ साहसी स्त्री रसभरी भी होती है। शुरुआत में प्रेत संबंधी कहानी—पुराने युवराज छत्रपाल की दुखद प्रेम-कथा और उसकी मौत—बस्ती में फैली हुई है। गोपाली अपने अंदाज़ में मदारी-जैसा शो करके लोगों का भरोसा जीतता है और असली रहस्य की खोज में लग जाता है। उपन्यास रोमांच, रहस्य और हास्य से भरपूर है।



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