Description
अपराध अब जंगलों में नहीं, शहरों की चमकती सड़कों पर पल रहा है। आज के डकैत में जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा आधुनिक समाज के उन नए डकैतों को बेनकाब करते हैं, जो सत्ता, राजनीति, चिकित्सा, पुलिस और नौकरशाही की आड़ में आम आदमी को लूट रहे हैं। भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, शोषण और व्यवस्था की विफलता के बीच जासूसी जगत सच्चाई तक पहुँचने की कोशिश करता है, जहाँ दुश्मन बंदूक नहीं, बल्कि सिस्टम है। तेज़ रफ्तार कथानक और तीखी सामाजिक टिप्पणी के साथ यह उपन्यास बताता है कि आज का सबसे खतरनाक डकैत पहचान छिपाकर जीता है।



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