Description
कलकत्ता की गलियों में सक्रिय एक रहस्यमयी महिला—जो कभी यूरोपियन लगती है, कभी एंग्लो-इंडियन और कभी चीनी। जहाँ भी वह जाती है, बेहोशी, लूट और डर पीछे छूट जाते हैं। मैडम कलकत्ता में जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा जासूस चक्रम और जगन को एक ऐसे मामले में उतारते हैं, जहाँ अपराध किसी गिरोह का नहीं, बल्कि एक खतरनाक औरत की चाल लगता है। अंतरराष्ट्रीय साज़िश, छद्म वेश, सम्मोहन और लगातार बढ़ता रहस्य—यह उपन्यास पाठक को अंत तक उलझाए रखता है और हर पन्ने पर चौंकाता है।



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