Description
कुछ सफ़र मंज़िल तक पहुँचाते हैं, तो कुछ इंसान की पूरी दुनिया बदल देते हैं। राजेश एक प्रतिभाशाली युवक है, जो कॉलेज में प्रथम स्थान प्राप्त करता है। लेकिन गरीबी और परिस्थितियाँ उसे आगे की पढ़ाई छोड़कर नौकरी तलाशने पर मजबूर कर देती हैं। माता-पिता को खोने का दर्द और जीवन की कठिनाइयाँ उसके रास्ते को और भी मुश्किल बना देती हैं। आरती अपने ही घर में वर्षों से अपमान और अत्याचार सहती आई है। उसके जीवन में राजेश का प्रेम एक उम्मीद की किरण बनकर आता है। वह राजेश के भविष्य और उसकी खुशियों के लिए अपना सर्वस्व त्यागने को तैयार है। लेकिन कहानी में रीता का प्रवेश प्रेम को एक नई उलझन में डाल देता है। राजेश को पाने की उसकी चाह धीरे-धीरे रिश्तों, विश्वास और भावनाओं की परीक्षा लेने लगती है।
प्रेम, ईर्ष्या, पारिवारिक संघर्ष और त्याग के बीच परिस्थितियाँ ऐसी करवट लेती हैं कि कई ज़िंदगियाँ दाँव पर लग जाती हैं। क्या राजेश और आरती अपने प्रेम को मंज़िल तक पहुँचा पाएँगे? क्या सच्चा प्रेम परिस्थितियों की हर परीक्षा में सफल होगा?
और जब प्रेम के सामने त्याग की कठिन राह आएगी, तब जीत किसकी होगी निस्वार्थ भावनाओं की या स्वार्थ की? ‘सफ़र’ प्रेम, गरीबी, पारिवारिक अन्याय, सामाजिक असमानता
, ईर्ष्या और मानवीय रिश्तों की जटिलताओं को दर्शाने वाला एक भावनात्मक सामाजिक उपन्यास है। यह कहानी पाठकों को सोचने पर मजबूर करती है कि सच्चा प्रेम क्या है और किसी अपने की खुशी के लिए इंसान कितना त्याग कर सकता है।


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