Description
1975 की गर्मियों में एक रहस्यमय साज़िश तब शुरू होती है जब केंद्रीय खुफिया विभाग के जासूस राजेश और जयन्त अचानक एक खतरनाक जाल में फँस जाते हैं। अपराधी दुनिया का चतुर खिलाड़ी उन्हें कैद कर एक बड़ा खेल खेलना चाहता है। लेकिन राजेश कोई साधारण जासूस नहीं—वह दुश्मन के जाल में फँसकर ही उसके असली चेहरे तक पहुँचना चाहता है। रहस्य, छल और जानलेवा चालों के बीच शुरू होती है एक रोमांचक टक्कर, जहाँ हर कदम पर मौत और धोखा छिपा है।



Reviews
There are no reviews yet.