Skip to content

₹225.00

Description

“प्लास्टिक की औरत” एक अनोखा, चौंकाने वाला और मनोवैज्ञानिक रहस्य उपन्यास है,
जिसमें एक ऐसी औरत की कहानी है —
जिसका चेहरा असली नहीं, प्लास्टिक सर्जरी से बना हुआ था।
और उसकी पहचान? शायद खुद उसे भी नहीं पता…

“जिसने आईने में चेहरा देखा… वो डर गया।
क्योंकि उसमें इंसान नहीं, नक़ाब था।”

“प्लास्टिक की औरत” एक ऐसा उपन्यास है जो

आपके मन में शक, डर और सहानुभूति — तीनों एक साथ जगाता है।