Description
“पापी धर्मात्मा” ओमप्रकाश शर्मा द्वारा रचित एक ऐसा तीव्र गति वाला जासूसी उपन्यास है, जो धर्म के आवरण में छिपे पाप, नैतिकता के मुखौटे के पीछे छिपे अपराध, और सच्चाई की खोज में भटकते इंसान की दास्तान पेश करता है।
“पापी धर्मात्मा” सिर्फ एक मर्डर मिस्ट्री नहीं,
यह एक आईना है —
जो दिखाता है कि हर भगवा चोला पवित्र नहीं होता,
और हर धर्मगुरु का उद्देश्य मोक्ष नहीं, कभी-कभी सत्ता भी हो सकता है।





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