Description
महा-माया की मूर्ति एक दुर्लभ, रहस्यपूर्ण और ऐतिहासिक महत्व रखने वाली प्राचीन मूर्ति के इर्द-गिर्द बुनी गई एक सनसनीखेज अपराध कथा है। ओमप्रकाश शर्मा जी ने इस उपन्यास में इतिहास, लोभ, हत्या और अंतरराष्ट्रीय अपराध के संगम को बड़ी कुशलता से प्रस्तुत किया है। मूर्ति केवल एक कलाकृति नहीं, बल्कि उसमें एक रहस्य छिपा है शायद कोई राजकीय दस्तावेज, गुप्त संकेत या किसी ऐतिहासिक खज़ाने का सूत्र। भारतीय खुफिया एजेंसियाँ इस केस को हल करने में जुट जाती हैं, लेकिन दुश्मन चालाक और क्रूर है। जासूसी, पीछा, विश्वासघात, और एक के बाद एक खुलते रहस्य पाठक आख़िरी पन्ने तक बंधा रहता है।



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