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Description

‘जेल में षड्यंत्र’ ओमप्रकाश शर्मा का एक जबरदस्त थ्रिलर है जो पाठकों को भारत की जेल व्यवस्था, भ्रष्टाचार, और अंदर ही अंदर पल रहे अपराधों की उस दुनिया में ले जाता है जहाँ कैदी नहीं, बल्कि योजनाकार बैठते हैं।

‘जेल में षड्यंत्र’ पढ़ते समय पाठक को अहसास होता है:
👉 कभी-कभी असली अपराधी सलाखों के पीछे नहीं, बल्कि वहीं पलते हैं — जहाँ कानून उन्हें सुरक्षित मानता है।