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Description

‘आदमी का ज़हर’ ओमप्रकाश शर्मा का एक गहरा, मनोवैज्ञानिक और सस्पेंस से भरा जासूसी उपन्यास है, जो दर्शाता है कि असली ज़हर क्या होता है — कोई रसायन नहीं, बल्कि इंसान के भीतर छिपी हुई नफरत, लालच और स्वार्थ की भावना।

‘आदमी का ज़हर’ केवल एक अपराध कथा नहीं, बल्कि यह सवाल खड़ा करता है —
👉 क्या इंसान सबसे खतरनाक ज़हर खुद ही होता है?