Description
देश में बढ़ते असंतोष की आड़ में एक रहस्यमयी संगठन ‘राना’ भारत को अराजकता की आग में झोंकने की खतरनाक साज़िश रच रहा है। साहसी जासूस विजय इस षड्यंत्र की परतें खोलते हुए विश्वासघात, नकाबपोश दुश्मनों, घातक हमलों और नीले द्वीप तक फैले रहस्य के जाल में उलझ जाता है। हर कदम पर मौत उसका इंतज़ार कर रही है, लेकिन राष्ट्र की सुरक्षा उसके लिए सर्वोपरि है। ‘योजना का अन्त’ वेद प्रकाश काम्बोज का रोमांच, रहस्य, जासूसी और तेज़-रफ्तार घटनाओं से भरपूर ऐसा उपन्यास है, जो पाठक को अंतिम पृष्ठ तक बांधे रखता है।



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