Description
उपन्यास निषेध पथ में राजेश एक रहस्यमय और जटिल मामले की जाँच में उलझ जाता है। सूरजसिंह की घायल अवस्था, मालती के विचित्र बयान और डॉक्टर चन्द्रपाल का पागलखाने से भाग जाना घटनाओं को और पेचीदा बना देता है। राजेश को ज्ञात होता है कि कुछ लोग “निषिद्ध मार्ग” पर चलकर अपनी प्रगति चाहते हैं, जो कई जिंदगियों को बर्बाद कर रहा है। सत्य की खोज में राजेश लगातार सुराग जोड़ता है और इस खतरनाक रास्ते के पीछे छिपे अपराधी इरादों को उजागर करता है।



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