Skip to content

₹295.00

Description

एक रोमांचक, भावनात्मक और प्रेरणादायक समुद्री यात्रा की कहानी…

क्या आपने कभी सोचा है… जब इंसान अकेला विशाल समुद्र के बीच फँस जाए, तो उसकी असली लड़ाई किससे होती है? समुद्र से? तूफानों से? या अपने ही डर से… ? मिलिए गणेश से… मछीमारनगर का एक साधारण युवक, जो एक तूफान में अपनी नाव सहित समुद्र में बह जाता है। लेकिन यह सिर्फ एक हादसा नहीं था… यह एक ऐसी यात्रा की शुरुआत थी, जहाँ हर दिन मौत करीब आती है, और हर लहर एक नया रहस्य लेकर आती है। जहरीले समुद्री जीव, विशाल दैत्य जैसी छायाएँ, धुंध में खोता हुआ दिमाग और टूटती उम्मीदें-गणेश को हर कदम पर लगता है कि अब वापसी संभव नहीं। लेकिन असली कहानी तब शुरू होती है, जब वह जिंदा वापस लौटता है….

क्या वह पहले जैसा जीवन जी पाएगा? क्या वह अपने मन के तूफान को शांत कर पाएगा? या उसका जीवन हमेशा उस समुद्र में ही अटका रह जाएगा?

“तूफान के बाद” सिर्फ एक कहानी नहीं… एक अनुभव है। एक ऐसा अनुभव जो आपको डर, साहस, अकेलेपन और उम्मीद-चारों से एक साथ मिलवाता है।एक ऐसी कथा जो दिल को छू जाए और दिमाग में हमेशा के लिए रह जाए…

अगर आपको रोमांच, भावनाएँ और जीवन की सच्चाइयाँ पसंद हैं…

तो यह किताब आपके लिए है।