Description
देवागढ़… एक शांत शहर, जहाँ अचानक एक खौफनाक खेल शुरू होता है। एक राजकुमार – धनसिंह- अपनी ही पत्नी की हत्या करके किले में छिप जाता है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती… वह एक लड़की निहारिका को भी अपने साथ ले जाता है- अपहरण या प्रेम ? कोई नहीं जानता। जब पुलिस किले के करीब पहुंचती है… तो उनका स्वागत गोलियों से नहीं, बल्कि तोप के धमाकों से होता है। अब मामला साधारण अपराध का नहीं रहा- यह एक ऐसा जाल है, जिसमें छिपे हैं रहस्य, सत्ता, और मौत का साया। केन्द्रीय खुफिया विभाग के जांबाज जासूस राजेश अपनी टीम के साथ इस मिशन पर उतरते हैं-जहाँ दुश्मन दिखाई नहीं देता… लेकिन हर कदम पर मौजूद है। क्या किले के अंदर सिर्फ एक पागल राजकुमार है? या फिर छिपी है कोई बड़ी साजिश…? हर पन्ने के साथ बढ़ता तनाव, हर मोड़ पर नया खुलासा- “एक दिन की मौत” आपको ऐसी दुनिया में ले जाएगा, जहाँ जिंदगी और मौत के बीच सिर्फ एक दिन का फासला है।



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