Description
नई दिल्ली की चमकती सड़कों और अंधेरी गलियों के बीच एक ऐसा खेल शुरू होता है, जहाँ हर चाल जानलेवा है और हर खिलाड़ी एक रहस्य। रजनीकांत और विमला का मासूम प्रेम अचानक शक, लालच और खतरनाक साजिशों के जाल में उलझ जाता है। एक रहस्यमयी “चाचा”, जिसकी दौलत और इरादे दोनों संदिग्ध हैं और दूसरी ओर एक जुनूनी प्रेमी, जो किसी भी हद तक जाने को तैयार है। इसी बीच एक खून-निर्मम, रहस्यमयी और कई सवाल छोड़ जाने वाला। कौन है असली खिलाड़ी? कौन चला रहा है परदे के पीछे से खेल ? और कौन बनेगा इस “इक्के के खेल” का आखिरी विजेता ? रहस्य, रोमांच, प्रेम और विश्वासघात से भरी यह कहानी आपको हर पन्ने पर चौकाएगी और अंत तक बांधे रखेगी।



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