Description
एक खौफनाक हत्या, एक लापता युवती और एक ऐसा रहस्य, जो इंस्पेक्टर मयंक शर्मा की जिंदगी बदल देगा! कुणाल शास्त्री एक ऐसा शख्स, जिसके चेहरे के पीछे छिपा है अपराध और धोखे का खतरनाक संसार। अपनी प्रेमिका रश्मि की बेरहमी से हत्या करने के आरोप में उसका नाम तब सामने आता है, जब रश्मि का भाई शिब्बो मरने से पहले इंस्पेक्टर मयंक शर्मा को एक चौंकाने वाला सच बताता है। इसी बीच, एक बेबस मां अपनी लापता बेटी रानी को खोजने की गुहार लेकर मयंक के पास पहुँचती है। रानी को आखिर कौन उठा ले गया? उसके साथ क्या हुआ?
और क्या इस गुमशुदगी के तार किसी बड़े अपराधी गिरोह से जुड़े हैं? जैसे-जैसे मयंक जांच में आगे बढ़ता है, अपराध, साजिश और विश्वासघात की परतें खुलने लगती हैं। लेकिन इस मामले में एक ऐसा मोड़ भी छिपा है, जो उसे अपने ही भूले-बिसरे अतीत से रूबरू करा देता है।
क्या मयंक रानी को खोज पाएगा? क्या कुणाल और उसके पीछे छिपे अपराधियों का असली चेहरा दुनिया के सामने आएगा?
और आखिर ‘बहू का कर्ज़’ किसका है?
रहस्य, रोमांच, अपराध और भावनाओं से भरपूर यह कहानी आपको आखिरी पन्ने तक बांधे रखेगी।



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