Description
क्या कोई पूरा द्वीप चोरी हो सकता है?
यह सवाल सुनने में असंभव लगता है, लेकिन वेद प्रकाश काम्बोज की इस अनोखी रहस्यकथा में यह सवाल हकीकत बन जाता है।
कहानी एक छोटे, लेकिन रणनीतिक रूप से अहम समुद्री द्वीप से शुरू होती है, जो अचानक गायब हो जाता है—न नक्शे में, न सेटेलाइट में, और न ही ज़मीनी हकीकत में उसका कोई नामोनिशान।
सरकार हिल जाती है। नेवी और जासूसी एजेंसियाँ चौंक जाती हैं। एक गुप्तचर अधिकारी इस रहस्य की तह तक पहुँचने के लिए भेजा जाता है, जो पाता है कि यह केवल “चोरी” नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र है—जिसमें शामिल हैं तस्कर, वैज्ञानिक, और सत्ता के भूखे लोग।
कहानी में रोमांच है, गुप्त सुरंगें हैं, समुद्री खतरे हैं और एक ऐसा रहस्य है जो धरती से महासागर तक फैला है।



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