Description
प्रेमचंद का गोदान एक यथार्थवादी ग्रामीण उपन्यास है, जो किसान जीवन की पीड़ा और समाज की विषमता को चित्रित करता है। इसका नायक होरी एक ईमानदार परिश्रमी किसान है, जिसकी पूरी जिंदगी गोदान के स्वप्न में बीत जाती है। गरीबी, कर्ज, शोषण और सामाजिक अन्याय उसकी नियति बन जाते हैं। उसकी पत्नी धनिया दृढ़ और संवेदनशील है, जो हर परिस्थिति में परिवार को संभालती है। कहानी में शहरी और ग्रामीण जीवन, वर्गभेद, स्त्री-पुरुष संबंध और नैतिक पतन का सजीव चित्रण है। अंत में होरी मरते समय “गोदान” का अपना अधूरा सपना पूरा कर पाता है।



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