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Description

टेढ़ी उंगलियाँ एक रहस्यमयी हत्या एक नकाबपोश औरत और एक आदमी के दो नाम ! लखनऊ के “प्रकाश आश्रम” में चाकू से की गई हत्या एक ऐसे रहस्य को जन्म देती है, जहाँ मृतक चन्द्रप्रकाश और सत्यप्रकाश एक ही व्यक्ति निकलता है। दो पत्नियाँ, छिपी पहचान और छल की परतें- हर सच के पीछे एक नया झूठ। मेजर बलवंत की तेज नजर जब इस गुत्थी में उतरती है, तो सामने आता है रिश्तों और लालच का खतरनाक खेल। “टेढ़ी उंगलियाँ” – एक ऐसा जासूसी रोमांच, जहाँ सच तक पहुँचने के लिए सीधी नहीं, टेढ़ी उंगलियाँ उठानी पड़ती हैं।