Description
पांच करोड़ का हीरा एक तेज़ रफ्तार, चौंकाने वाला और रहस्य से भरपूर उपन्यास है जिसमें ओमप्रकाश शर्मा जी ने लालच, धोखा, और चतुराई की जुगलबंदी से एक बेमिसाल अपराध कथा रची है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, सामने आते हैं नकली पहचान, झूठी गवाहियाँ, डबल गेम खेलने वाले किरदार और एक दिलचस्प नायिका — जो शायद मासूम है, और शायद शातिर भी। उपन्यास में घटनाएँ इतनी तेज़ी से बदलती हैं कि पाठक एक पल के लिए भी पन्ना छोड़ नहीं सकता। और अंत में जब हीरे की असली जगह और असली चोर का नाम सामने आता है — पाठक चौंक जाता है!



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