Description
बीस वर्ष पुरानी एक अधूरी प्रतिज्ञा, रहस्यमयी हत्यारे संगठन गुजेंको, और मौत का प्रतीक बनी एक रहस्यमय शील्ड यहीं से शुरू होती है रोमांच की विस्फोटक कहानी। अंतरराष्ट्रीय जासूस अलफांसे और भारतीय जासूस विजय एक ऐसे षड्यंत्र से टकराते हैं, जिसकी जड़ें सत्ता, तस्करी और निर्मम हत्याओं से जुड़ी हैं। हर कदम पर मौत उनका इंतज़ार कर रही है, लेकिन पीछे हटना उनके स्वभाव में नहीं। ‘पगान का ख़तरा’ वेद प्रकाश काम्बोज का तेज़-रफ्तार जासूसी उपन्यास है, जो रहस्य और रोमांच से पाठक को अंत तक बाँधे रखता है।



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