Description
मित्र की हत्या का बदला लेने के बाद अंतरराष्ट्रीय साहसी अलफांसे एक नए और बेहद खतरनाक मिशन पर निकलता है। अफ्रीकी देश ओलम्बो में जनरल चिबैम्बा आतंक और हिंसा के बल पर सत्ता को चुनौती दे रहा है। इसी अभियान में अलफांसे का साथ मिलता है भारतीय जासूस विजय का। दोनों मिलकर ऐसे षड्यंत्र का सामना करते हैं, जहाँ हर कदम पर मौत, विश्वासघात और रोमांच उनका इंतज़ार कर रहे हैं। ‘आतंक के बीज’ वेद प्रकाश काम्बोज का एक तेज़-रफ्तार जासूसी उपन्यास है, जो पाठक को अंत तक बाँधे रखता है।



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