Description
एक सभ्य चेहरे के पीछे छिपा है ऐसा रहस्य, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती! अलग-अलग रेलवे मार्गों पर हो रही रहस्यमय ट्रेन डकैतियाँ केंद्रीय खुफिया विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाती हैं। अपराधी अलग-अलग हैं, उनके तरीके अलग हैं, लेकिन उनकी गतिविधियों के पीछे एक अदृश्य सूत्र जुड़ा दिखाई देता है। जासूस राजेश नारायण को शक है कि इन सभी घटनाओं का संबंध लखनऊ के रानी होटल से है। जाँच अभी आगे बढ़ ही रही होती है कि एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक, डॉ. ज्ञानचन्द्र की ट्रेन में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो जाती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मौत का कारण विष बताती है,
लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि विष शरीर में कैसे पहुँचा। वैज्ञानिक की पत्नी चन्द्रमुखी के बयान, रानी होटल से जुड़ा एक लाख रुपये का रहस्य और लगातार सामने आते नए सुराग राजेश को एक ऐसी उलझन में डाल देते हैं, जहाँ हर चेहरा संदेह के घेरे में है।
अपने सहयोगी जयन्त के साथ राजेश इस रहस्यमय जाल की तह तक पहुँचने निकल पड़ता है। क्या ट्रेन डकैतियों और वैज्ञानिक की मौत के पीछे एक ही साजिश है? रानी होटल में ऐसा क्या छिपा है, जिसे अपराधी दुनिया से छिपाए रखना चाहते हैं? रहस्य, रोमांच, अपराध और चौंकाने वाले सुरागों से भरपूर यह उपन्यास आपको आखिरी पन्ने तक सोचने पर मजबूर करेगा। पढ़िए जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा की राजेश-जयन्त सीरीज़ का रोमांचक उपन्यास ‘सभ्य हत्यारा’, नीलम जासूस कार्यालय की ओर से।


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