Skip to content

₹300.00

Description

साहित्य, शिक्षा, पर्यावरण, फोटोग्राफी एवं समाजसेवा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान रखने वाले अनिल पुरोहित विगत तीन दशक से अधिक समय से समाज में सक्रिय है। कला की नगरी के नाम से प्रसिद्ध सुजानगढ़ में पिता स्व. श्री एम. एल. पुरोहित (शिक्षा अधिकारी) व माता श्रीमती कमला देवी के घर जन्मे अनिल पुरोहित हिन्दी साहित्य में एम.ए., बी. एड., ड्राइंग – पेंटिंग में स्नातक हैं। अब तक आपकी विविध विषयों की अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है और अनेक पुस्तकों का संपादन किया है। पूर्व में इनकी चार पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है जिनमें वो कौन थी, भूख का उसूल, और उस पार काफ़ी चर्चित रही हैं। देश की विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में आप स्तम्भकार के रूप में नियमित लेखन करते हैं। अब तक सैकड़ों की संख्या में आलेख प्रकाशित हो चुके हैं। राजस्थान सरकार द्वारा जिला एवं राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार से सम्मानित, राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित एवं अनेक संस्थानों द्वारा दर्जनों साहित्यिक, शैक्षिक, सामाजिक व सांस्कृतिक सम्मान व पुरस्कार देकर इन्हें सम्मानित किया जा चुका है। अनेक सामाजिक संगठनों से जुड़े अनिल पुरोहित एक कुशल वक्ता, छायाकार, इतिहास और पुरातत्व विशेषज्ञ, मोटीवेशनल स्पीकर एवं मंच संयोजक के रूप में विख्यात है।