Description
सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ का ‘अप्सरा’ प्रेम, सौन्दर्य, कला और सामाजिक बंधनों के बीच संघर्ष की संवेदनशील कथा है। कनक असाधारण सौन्दर्य और प्रतिभा से सम्पन्न युवती रंगमंच पर ‘शकुन्तला’ बनकर एक ही रात में प्रसिद्ध हो जाती है। वहीं उसकी भेंट राजकुमार वर्मा से होती है, जिसने कभी उसकी रक्षा की थी। दोनों के बीच जन्म लेता प्रेम सामाजिक प्रतिष्ठा, जातिगत पूर्वाग्रह और जीवन की कठिन परिस्थितियों से टकराता है। कनक अपनी स्वतंत्रता और कला की गरिमा को बचाते हुए प्रेम और जीवन के अर्थ को नए सिरे से पहचानती है।


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