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Description

“विद्रोही जागीरदार” एक ऐतिहासिक, क्रांतिकारी और तेज़-तर्रार जासूसी उपन्यास है, जो हमें उस दौर में ले जाता है जब भारत अंग्रेज़ी हुकूमत के अधीन था और कुछ ज़मींदार अंग्रेज़ों की जी-हुज़ूरी में डूबे हुए थे — मगर कुछ ऐसे भी थे जो विद्रोही बन चुके थे।

“विद्रोही जागीरदार” केवल एक जासूसी या एक्शन उपन्यास नहीं है,
यह भारतीय आत्मसम्मान और संघर्ष की एक जीवंत कथा है।