Description
“पिंजरे का क़ैदी” ओमप्रकाश शर्मा का एक भावनात्मक और रहस्यपूर्ण जासूसी उपन्यास है, जो एक ऐसे इंसान की कहानी कहता है जिसे समाज, कानून और परिस्थितियों ने कैद कर दिया है — एक ऐसे पिंजरे में जहाँ से बाहर आने के लिए उसे न सिर्फ अपनी बेगुनाही साबित करनी है, बल्कि उस साज़िश को भी उजागर करना है जिसने उसकी ज़िंदगी को तबाह कर दिया।
“पिंजरे का क़ैदी”
सिर्फ जेल में बंद एक आदमी की कहानी नहीं,
बल्कि हर उस इंसान की आवाज़ है
जिसे बिना सुने, बिना समझे
समाज ने कसूरवार मान लिया।




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