Description
‘समाज के कलंक’ ओमप्रकाश शर्मा का एक गंभीर और तेज़-तर्रार सामाजिक-जासूसी उपन्यास है, जिसमें अपराध के साथ-साथ समाज की गंदी परतों को भी बेनकाब किया गया है। यह कहानी उन चेहरों की पोल खोलती है जो बाहर से सभ्य और प्रतिष्ठित लगते हैं, लेकिन भीतर से समाज के असली कलंक होते हैं।
‘समाज के कलंक’ एक सवाल छोड़ जाता है:
👉 क्या सच्चाई जानने और सच के लिए लड़ने की हिम्मत हर किसी में होती है?



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