Description
बम्बई के बन्दरगाह पर एक रहस्यमयी हत्या—और उसके पीछे छिपा अंतरराष्ट्रीय तस्करी का जाल। केन्द्रीय खुफिया विभाग के अनुभवी जासूस बदरुद्दीन की मौत की गुत्थी सुलझाने उतरते हैं जांबाज़ जासूस राजेश। सुराग़ों की परत-दर-परत जांच, संदिग्धों की भीड़, और खतरनाक साज़िशें—हर कदम पर बढ़ता रोमांच। जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा का यह क्लासिक जासूसी उपन्यास भारतीय पृष्ठभूमि में तेज़ रफ्तार कथा, चौंकाने वाले मोड़ और न्याय की खोज का दमदार चित्र प्रस्तुत करता है।



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