Description
जब देश के दुश्मन छाया बनकर भीतर ही भीतर जाल बुन रहे हो… तब हर चेहरा संदिग्ध होता है। केन्द्रीय खुफिया विभाग के जांबाज जासूस राजेश, जगत, जयंत और उनकी टीम एक ऐसे खतरनाक षड्यंत्र से टकराते हैं, जिसकी जड़ें देश की सुरक्षा को अंदर से खोखला कर रही है। एक मासूम लड़की निर्मला की दर्दनाक कहानी इस रहस्य का दरवाजा खोलती है-एक ऐसी साजिश, जिसमें अपराध, धोखा, और देशद्रोह एक साथ जुड़ जाते हैं। हर कदम पर खतरा… हर मोड़ पर धोखा… और हर सच के पीछे छुपा है एक और बड़ा झूठ। क्या ये जासूस समय रहते इस घातक खेल को खत्म कर पाएंगे? या फिर देश के दुश्मन अपनी चाल में कामयाब हो जाएंगे? रहस्य, एक्शन, भावनाओं और देशभक्ति से भरपूर यह उपन्यास आपको अंत तक बांधे रखेगा-जहाँ हर पन्ना एक नया झटका देता है।



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