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Description

मेजर बलवंत सीरीज 11 बजकर 12 मिनट रात के अंधेरे में एक चेतावनी गूंजी -“ग्यारह बजकर 12 मिनट पर एक खून होगा !” सबने इसे मजाक समझा… लेकिन ठीक 11:12 पर देश के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री प्रोफेसर शंकरदयाल की हत्या हो गई। बंद कमरा… कोई गवाह नहीं… कोई सुराग नहीं… सिर्फ एक रहस्यमयी संदेश-“नम्बर 1… आपको श्यामा का प्रणाम।” क्या यह पहली हत्या थी किसी बड़े षड्यंत्र की ? सच जानने के लिए मैदान में उतरा -मेजर बलवंत !