Description
राजेश अपनी पत्नी तारा के साथ अम्बाद्वीप की यात्रा पर निकलने वाला है, लेकिन यात्रा से ठीक पहले उसे एक रहस्यमयी चेतावनी मिलती है—“अपने मित्र को यात्रा पर मत जाने दो, खतरा है।” यात्रा शुरू होते ही खतरे के संकेत और गहरे हो जाते हैं। हवाई अड्डे पर राजेश की कार को बम से निशाना बनाया जाता है और विमान में एक रहस्यमयी व्यक्ति ज्योतिषी के वेश में उसका पीछा करता मिलता है। जल्द ही राजेश को पता चलता है कि वह कोई साधारण यात्री नहीं, बल्कि एक विदेशी जासूस है। वह जासूस राजेश को अम्बाद्वीप जाने से रोकने के लिए पहले धमकी देता है और फिर पन्द्रह हजार से लेकर पच्चीस हजार रुपये तक का लालच देता है। लेकिन राजेश अपने सिद्धांतों से समझौता करने को तैयार नहीं। अब सवाल यह है कि आखिर अम्बाद्वीप में ऐसा क्या रहस्य छिपा है, जिसके कारण एक अंतरराष्ट्रीय शक्ति राजेश को वहाँ पहुँचने से रोकने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है? ओमप्रकाश शर्मा का यह रोमांचक जासूसी उपन्यास रहस्य, साहस, अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र और रोमांच से भरपूर है।



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