{"product_id":"शिकारी-पिंजरे-में-जनप्रिय-लेखक-ओमप्रकाश-शर्मा-राजेश-जगत-जगन-बंदूक-सिंह-सीरीज़-हिंदी-जासूसी-एवं-रहस्य-रोमांच-उपन्यास","title":"शिकारी पिंजरे में | जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा | राजेश–जगत–जगन–बंदूक सिंह सीरीज़ | हिंदी जासूसी एवं रहस्य-रोमांच उपन्यास","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eजब शिकारी खुद पिंजरे में फँस जाए तो क्या होगा? आधी रात को एक घायल और डरी हुई महिला केंद्रीय खुफिया विभाग के काउंटर पर पहुँचती है। वह अपनी जान बचाकर भागी है और कहती है कि मौत उसका पीछा कर रही है। वह अपने बारे में कुछ भी बताने को तैयार नहीं सिवाय इसके कि उसका पति एक बड़ा सरकारी अफसर है और उसके पास धन व सत्ता का ऐसा नशा है जिसने उसे इंसानियत से दूर कर दिया है। मामला तब और रहस्यमय हो जाता है जब राजेश उस महिला को पहचान लेता है। वह उसकी बचपन की परिचित अमिता, जिसे वह प्यार से “बत्तख” कहता था, निकलती है। अमिता अपने पति योगेश पर गंभीर आरोप लगाती है और अपनी बेटियों से अंतिम बार मिलने के बाद जीवन समाप्त करने की बात करती है। राजेश के सामने अब सिर्फ एक पीड़ित महिला को बचाने की चुनौती नहीं है। उसे यह पता लगाना है कि सत्ता, धन, अपराध और षड्यंत्र के पीछे असली शिकारी कौन है। जगत, जगन और बंदूक सिंह की मौजूदगी के साथ कहानी आगे बढ़ती है और हर मोड़ पर नए रहस्य सामने आते हैं।\u003cbr\u003e“शिकारी पिंजरे में” जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा की तेज़ रफ्तार हिंदी जासूसी-पल्प कथा है\u003cbr\u003eजिसमें रहस्य, अपराध, जांच, पारिवारिक संबंध और रोमांच का जबरदस्त मेल है।\u003cbr\u003eलेखक: जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा सीरीज़: राजेश–जगत–जगन–बंदूक सिंह \u003cbr\u003eप्रकाशक: नीलम जासूस कार्यालय\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"NEELAM JASOOS KARYALAY","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":67580732801198,"sku":null,"price":445.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0694\/1425\/6814\/files\/978-81-68040-55-7.jpg?v=1790406201","url":"https:\/\/neelamjasoos.com\/products\/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%95-%e0%a4%93%e0%a4%ae%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b6-%e0%a4%b6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%9c%e0%a4%97%e0%a4%a4-%e0%a4%9c%e0%a4%97%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9a-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b8","provider":"NEELAM JASOOS KARYALAY","version":"1.0","type":"link"}