{"product_id":"नरभक्षी-राजेश-जगत-जयन्त-जगन-बंदूक-सिंह-सीरीज़-रोमांचक-जासूसी-उपन्यास-ओमप्रकाश-शर्मा-i-हिंदी-जासूसी-एवं-रहस्य-रोमांच-उपन्यास-i-narbhakshi","title":"नरभक्षी | राजेश-जगत-जयन्त-जगन-बंदूक सिंह सीरीज़ | रोमांचक जासूसी उपन्यास | ओमप्रकाश शर्मा I हिंदी जासूसी एवं रहस्य-रोमांच उपन्यास I NARBHAKSHI","description":"\u003cp\u003e\u003cspan\u003eमधुधाम के घने जंगल शिवकुंज में एक आदमखोर शेर का आतंक है। अब तक चार लोग उसकी रहस्यमयी शिकार बन चुके हैं, लेकिन सबसे बड़ा रहस्य यह है कि शेर के शिकार हुए सभी लोग किसी न किसी रूप में जंगल और सामाजिक बदलाव से जुड़े हुए थे। इस रहस्य को सुलझाने के लिए केंद्रीय खुफिया विभाग के वरिष्ठ जासूस राजेश के पास एक विचित्र मामला आता है। जंगल में नरभक्षी शेर के अलावा लोगों के बीच एक रहस्यमयी अवधूत बाबा की चर्चा भी है, जिसके बारे में ऐसी घटनाएँ सुनाई जाती हैं जिन्हें सामान्य बुद्धि से समझना कठिन है। राजेश अपने साथी जगत को मधुधाम भेजता है। लेकिन जगत के सामने सिर्फ एक नरभक्षी शेर का रहस्य नहीं, बल्कि जंगल, रहस्यमयी अवधूत, पुराने अपराधों और लगातार घट रही घटनाओं की ऐसी गुत्थी है, जिसमें हर कदम पर नया सवाल खड़ा होता है। क्या शिवकुंज में सचमुच कोई नरभक्षी शेर है? अवधूत बाबा के रहस्यों के पीछे क्या छिपा है? और क्या राजेश, जगत, जयन्त, जगन और बंदूक सिंह इस खौफनाक रहस्य को सुलझा पाएंगे?\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"NEELAM JASOOS KARYALAY","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":67580694921390,"sku":null,"price":375.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0694\/1425\/6814\/files\/978-81-68040-56-4.jpg?v=1790403037","url":"https:\/\/neelamjasoos.com\/products\/%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a4%ad%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%9c%e0%a4%97%e0%a4%a4-%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%9c%e0%a4%97%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%95-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%93%e0%a4%ae%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b6-%e0%a4%b6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be-i-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9a-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b8-i-narbhakshi","provider":"NEELAM JASOOS KARYALAY","version":"1.0","type":"link"}