About Us

अब आ गया है 60, 70 और 80 के दिग्गज लोकप्रिय लेखकों का सुनहरा दौर फिर से

हम हैं प्रतिबद्ध सुनहरे दौर की वापसी के लिए आपके साथ!

नीलम जासूस कार्यालय की स्थापना लाला सत्यपाल वार्ष्णेय द्वारा खारी बावली, दिल्ली में सन 1960 के दशक के आरम्भ में की गई। दिल्ली लोकप्रिय साहित्य के प्रकाशन संस्थानों में नीलम जासूस कार्यालय एक बड़ा नाम था। उन दिनों नीलम जासूस कार्यालय से नीलम जासूस और राजेश नामक पत्रिकाएँ प्रकाशित हुआ करती थीं जिसमें रहस्य-रोमांच और जासूसी कथानकों के साथ-साथ सामाजिक उपन्यास भी (पत्रिका के रूप में) प्रकाशित किए जाते थे।
जब जनप्रिय लेखक ओमप्रकाश शर्मा अपने राजेश-जयंत-जगत और वेदप्रकाश काम्बोज अपने विजय-रघुनाथ-अलफांसे व सिंगही से धूम मचाए हुए थे तब इन दोनों स्थापित लेखकों के परामर्शों और लाला सत्यपाल वार्ष्णेय की नई सोच और हौसले के चलते नीलम जासूस ने कई नामी लेखकों के उपन्यासों को प्रकाशित करके उनका परिचय पाठकों से कराया।
नीलम जासूस कार्यालय 2020 की पुनर्स्थापना और पुनर्जीवित होने के पीछे व्यावहारिक सोच वाले सुबोध भारतीय, प्रयोगात्मक- सकारात्मक सहयोग वाले मेशु काम्बोज और सलाहकार मित्र राम पुजारी का महत्वपूर्ण योगदान है।
हमारी टीम लोकप्रिय साहित्य के क्लासिक उपन्यासों को ‘हाइ क्वालिटी व्हाइट पेपर’ पर पुन: प्रकाशित करके सुनहरे दौर की एक झलक नई पीढ़ी के पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बड़े ऑर्डर्स पर बुक सेलर पा सकते हैं ज़्यादा डिस्काउंट !!!

Meet Our Team

Late Sh. Satya Pal Varshney

Founder

Subodh Bhartiya

CEO & Creative Head

Meshu Kamboj​

Promotor

आपकी लेखकीय प्रतिभा को देते है हम एक शानदार अवसर !

  • पब्लिशिंग
  • प्रिंटिंग
  • ग्राफिक डिजाइनिंग

                                                                                                 श्रेष्ठ परिणाम का वादा है आपसे

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